रवनीत बिट्टू ने खुद माना कि बादल परिवार के साथ गठबंधन का मतलब पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर की वापसी है: आप
- By Gaurav --
- Friday, 16 Jan, 2026
Ravneet Bittu himself admitted that alliance with Badal family means return of
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने खुद 2007-17 के अकाली-भाजपा शासन और 2017-22 की नाकाम कांग्रेस सरकार और अब बादलों के साथ कुछ भाजपा नेताओं के गठबंधन के पीछे का सच बेनकाब कर दिया है। बिट्टू ने खुद माना है कि अगर ऐसा गठबंधन होता है, तो पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टरवाद की वापसी होगी।
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि बिट्टू ने सार्वजनित तौर पर यह कह के गंभीर सवाल खड़े किए हैं कि बादलों के साथ गठबंधन का मतलब पंजाब में "चिट्टा" (सिंथेटिक ड्रग्स) और गैंगस्टरवाद की वापसी होगी। पन्नू ने कहा कि ये सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं हैं। ये कबूलनामे हैं जो साफ करते हैं कि 2007 से 2017 के बीच पंजाब को किसने बर्बाद किया।
पन्नू ने रवनीत बिट्टू से सवाल करते हुए कहा कि अगर उन्हें पता है कि पंजाब को ड्रग्स और गैंगस्टर हिंसा में धकेलने के लिए बादल जिम्मेदार हैं, तो पंजाब में कुछ भाजपा नेता उनके साथ गठबंधन की वकालत क्यों कर रहे हैं? पन्नू ने कहा कि इसका जवाब भाजपा के अंदर ही छिपा हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब भाजपा को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ लीड कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा के सीनियर नेता हैं। दोनों खुलेआम कहते हैं कि भाजपा, बादल परिवार के साथ गठबंधन के बिना पंजाब में टिक नहीं सकती। क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें नहीं पता कि पंजाब में नशा किसने फैलाया और गैंगस्टरों को किसने पाला, या वे राजनीतिक सुविधा के लिए इसे नज़रअंदाज़ कर रहे हैं?
बलतेज पन्नू ने याद दिलाया कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब में नशा तस्करी और गैंगस्टर कल्चर अपने शिखर पर था। उन्होंने कहा कि यही वह दौर था जब पंजाब ने पहली बार इतने बड़े लेवल पर ‘चिट्टा’ शब्द सुना, जब एक ताकतवर अकाली नेता (बिक्रम मजीठिया) का नाम नशा तस्करी के मामले में आया, जब नाभा जेल ब्रेक हुई, जब अमृतसर में अपनी बेटी को बचाते हुए एक एएसआई की हत्या हुई, जब लुधियाना में एक पुलिसवाले की टांग टूटी और जब फरीदकोट में गैंगस्टर्स ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था।
पन्नू ने 2017 से 2022 तक कांग्रेस शासन के दौरान बिट्टू की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर आपको पता था तो नशा औऱ गैंगस्टरवाद के लिए कौन ज़िम्मेदार है, क्या आपने कभी बादलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की? क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह या चरणजीत सिंह चन्नी ने कोई अहम कार्रवाई की? सच तो यह है कि कांग्रेस, भाजपा और अकाली मिलकर सरकार चला रहे थे और एक-दूसरे को बचा रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब की कसम खाकर नशा खत्म करने के जो वादे किए थे, वे खोखले नारे निकले। पन्नू ने कहा कि 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ कुछ नहीं किया। रवनीत बिट्टू ने अब अप्रत्यक्ष रूप से उस सच को भी स्वीकार कर लिया है।
बलतेज पन्नू ने कहा कि 2022 में आप सरकार बनने के बाद से पंजाब नशों और गैंगसटरवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई देख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 'युद्ध नशेयां विरुद्ध मुहिम शुरू की है, जो अब अपने दूसरे पड़ाव में है और पंजाब पुलिस कानून हाथ में लेने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ सख्त एक्शन ले रही है। बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के अपराधियों से सख्ती से निपटा जा रहा है। पन्नू ने कहा कि रवनीत बिट्टू को ऐसे सवाल पूछना बंद कर देना चाहिए और इसके बजाय अपनी पार्टी लीडरशिप, सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरिंदर सिंह से जवाब मांगना चाहिए, जो बादलों के साथ गठबंधन के सबसे बड़े समर्थक हैं।